नौ उपनिषद् (ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय, श्वेताश्वतर) को एक साथ संगृहीत किया गया है।

तत्त्व जिज्ञासुओं के कल्याणार्थ इस पुस्तक में नौ उपनिषद् (ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय, श्वेताश्वतर) को एक साथ संगृहीत किया गया है।


 

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